एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन (एनएफएन) ने ‘पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण उन्मूलन में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की भूमिका’ पर राष्ट्रीय कॉनक्लेव का आयोजन 6 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया ।

एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन (एनएफएन) ने ‘पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण उन्मूलन में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की भूमिका’ पर राष्ट्रीय कॉनक्लेव का आयोजन 6 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया ।
08 जनवरी 2026, आणंद: श्री पीयूष गोयल, माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री; श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह, माननीय केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री; तथा श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, माननीय केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने 6 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण उन्मूलन में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की भूमिका’ पर आयोजित एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन (एनएफएन) के राष्ट्रीय कॉनक्लेव का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम श्री कृष्ण पाल गुर्जर, माननीय केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री; प्रो. एस पी सिंह बघेल, माननीय केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री; श्री जॉर्ज कुरियन, माननीय केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री; डॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय; श्री नरेश पाल गंगवार, सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग; डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, एनडीडीबी; तथा अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस कॉनक्लेव में वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों, भारत सरकार के सचिवों, कॉर्पोरेट और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (पीएसयू) के नेतृत्वकर्ताओं, डेयरी सहकारिताओं, विकास संस्थानों तथा अन्य प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य सीएसआर-आधारित पहलों के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन हेतु सहयोगात्मक रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना था।
इस अवसर पर, आईडीबीआई बैंक की सीएसआर पहल के अंतर्गत शिशु संजीवनी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य एनडीडीबी द्वारा विकसित स्फूर्तिदायक एवं फोर्टिफाइड पौष्टिक आहार के माध्यम से ग्रामीण नागपुर के आंगनवाड़ी केंद्रों के 3,000 बच्चों को पोषण सहायता प्रदान करना है। साथ ही, सेल–भिलाई स्टील प्लांट की सीएसआर पहल के अंतर्गत गिफ्टमिल्क कार्यक्रम के तृतीय चरण का भी शुभारंभ किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों के लगभग 4,000 बच्चों को लाभ मिलेगा। विटामिन ए और डी से फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध की आपूर्ति एनडीडीबी द्वारा प्रबंधित छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान एनएफएन की पोषण संबंधी पहलों का समर्थन करने वाले सीएसआर हितधारकों को सम्मानित भी किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री पीयूष गोयल ने यह प्रतिपादित किया कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) केवल वैधानिक दायित्वों की पूर्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की भारत की सुदृढ़ एवं सांस्कृतिक रूप से निहित परंपरा को भी प्रतिबिंबित करना चाहिए। उन्होंने ‘समग्र सरकार’ (Whole-of-Government) दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कुपोषण की चुनौती से निपटने हेतु एनडीडीबी के साथ समन्वय में विभिन्न मंत्रालय संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह रेखांकित किया कि पोषण क्षेत्र में किया गया निवेश, सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप, भारत के उज्ज्वल भविष्य में किया गया निवेश है।
श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि भारत का डेयरी क्षेत्र पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 485 ग्राम दूध की उपलब्धता के साथ, दूध बच्चों के लिए पोषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि एनएफएन की गिफ्टमिल्क और शिशु संजीवनी जैसी पहलों के माध्यम से देश भर के स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है।
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सशक्त और मजबूत भारत के निर्माण के लिए पर्याप्त पोषण अत्यंत आवश्यक है, जिसमें बच्चे इस विजन के केंद्र में हैं। उन्होंने गिफ्टमिल्क कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर पोषण लाभ पहुँचाने का एक प्रभावी मॉडल बताते हुए उसकी सराहना की।
श्री कृष्ण पाल गुर्जर, प्रो. एस पी सिंह बघेल तथा श्री जॉर्ज कुरियन ने पोषण परिणामों को सुदृढ़ करने और माननीय प्रधानमंत्री जी के “सहकार से समृद्धि” के विजन को आगे बढ़ाने में सहकारिताओं, सीएसआर तथा मंत्रालयों के परस्पर सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि एनएफएन की स्थापना वर्ष 2015 में एनडीडीबी के स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान स्कूली बच्चों और कमजोर वर्गों के पोषण को समर्थन देने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक एनएफएन द्वारा 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 900 सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के 1.5 लाख से अधिक बच्चों को लगभग 44 लाख लीटर दूध वितरित किया गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह कार्यक्रम केवल एक गिलास दूध तक सीमित नहीं है, बल्कि आवश्यक पोषण तक पहुँच सुनिश्चित करने की एक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उद्घाटन सत्र के बाद, पोषण में सार्वजनिक हस्तक्षेप और पोषण सुरक्षा के लिए कॉर्पोरेट- सहकारिता सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें लगभग 1,200 हितधारकों की भागीदारी रही।

