डीआईडीएफ योजना नए भारत निर्माण के हमारे सामूहिक स्‍वप्‍न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी: दिलीप रथ

आणंद, 18 जनवरी 2018: श्री दिलीप रथ, अध्‍यक्ष, राष्‍ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने 18 जनवरी 2018 को डॉ. कुरियन सभागार, एनडीडीबी, आणंद में डेरी प्रसंस्‍करण एवं बुनियादी ढ़ांचा विकास निधि (डीआईडीएफ) पर आयोजित एक कार्यशाला का शुभारंभ किया । श्री रथ ने इस योजना की विस्‍तृत जानकारी प्रदान करने के उद्देश्‍य से डीआईडीएफ वेबपेज का शुभारंभ भी किया । यह कार्यशाला डीआईडीएफ योजना के विभिन्‍न पहलुओं पर हितधारकों को जानकारी उपलब्‍ध कराने के लिए आयोजित की गई । इस कार्यशाला में राज्‍य सरकारों के सचिव (एएच/डीडी), दूध महासंघो के प्रबध निदेशक (एमडी), दूध संघों/उत्‍पादक कंपनियों के मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), नाबार्ड तथा एनडीडीबी/एनडीडीबी सहायक संस्‍थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे ।

अपने उद्घाटन भाषण में श्री रथ ने कहा, ‘’हम 2021-22 में स्‍वतंत्रता के 75 वें वर्ष को मनाने की दिशा में जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे नए भारत के अपने सामूहिक स्‍वप्‍न को साकार करने के लिए हमें मिशन मोड में कंधे से कंधा मिला कर कार्य करना होगा । किसानों की आय को दुगुना करना, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना, उत्‍पादक स्‍वामित्‍व वाली संस्‍थाओं की कवरेज में विस्‍तार करना, सहकारिताओं को अत्‍याधुनिक प्रसंस्‍करण सुविधाएं मुहैया कराना, उपभोक्‍ताओं को गुणवत्‍ता युक्त दूध उपलब्‍ध कराना और उत्‍पादन में वृद्धि करना तथा मूल्‍य वर्धित उत्‍पादों की बिक्री करना इस स्‍वप्‍न को साकार करने के कुछ साधन हैं । निश्चित तौर पर, डीआईडीएफ योजना इन लक्ष्‍यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभायेगी । इन लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए यहां उपस्थित सभी हितधारकों द्वारा सतत् एवं समन्वित प्रयासों की आवश्‍यकता होगी ।‘’

अध्‍यक्ष,  एनडीडीबी ने कहा कि 2017-18 के केंद्रीय बजट में भारत सरकार ने आधुनिकीकरण एवं अतिरिक्‍त प्रसंस्‍करण बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु डेरी सहकारिताओं को सहयोग देने के लिए डेरी प्रसंस्‍करण एवं बुनियादी ढ़ांचा विकास निधि के निर्माण की घोषणा की है । इस निधि का मुख्‍य उद्देश्‍य चिलिंग के लिए बुनियादी ढ़ांचे की स्‍थापना द्वारा कुशल दूध संकलन प्रणाली का निर्माण करना और इलेक्‍ट्रानिक दूध मिलावट परीक्षण उपकरण का स्‍थापन तथा मूल्‍य वर्धित उत्‍पादों के लिए दूध प्रसंस्‍करण बुनियादी ढ़ांचे और विनिर्माण सुविधाओं का निर्माण, आधुनिकीकरण एवं विस्‍तार करना है । 2017-18 से 2028-29 तक की अवधि के लिए कुल परिव्‍यय रू. 10,881 करोड़ के साथ इस निधि को अनुमोदन प्रदान किया गया है । कुल परिव्‍यय में से राष्‍ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) में रू. 8,004 करोड़ का एक कोष गठित किया जाएगा ।

एनडीडीबी और राष्‍ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को यह राशि ऋण के रूप में प्रदान की जाएगी जिसमें से रू. 2,001 करोड़ का अंतिम ऋणी योगदान होगा, रू. 12 करोड़ एनडीडीबी/एनसीडीसी का शेयर होगा और रू. 864 करोड़ का डीएडीएफ द्वारा ब्‍याज सहायता के रूप में योगदान दिया जाएगा । 2017-18 से 2028-29 तक की संपूर्ण ऋण पुनर्भुगतान अवधि को शामिल करते हुए डीएडीएफ द्वारा 12 वर्षों के लिए नाबार्ड को ब्‍याज सहायता हेतु राशि प्रदान की जाएगी । इससे अंतिम ऋणी प्रतिवर्ष 6.5% के किफायती ब्‍याज दर पर ऋण प्राप्‍त कर सकेंगे और मौजूदा बुनियादी ढ़ांचे को उन्‍नत बनाने अथवा नए बुनियादी ढ़ांचे का निर्माण करने हेतु इस धन राशि का निवेश कर सकेंगे । एक कार्यान्‍वयन एजेंसी के रूप में एनडीडीबी दूध सहकारिताओं और उत्‍पादक कंपनियों के जरिए इस योजना को लागू करेगी ।

इस डीआईडीएफ योजना से ऋण सहायता प्राप्‍त करने हेतु डेरी सहकारिताओं और उत्‍पादक कंपनियों से परियोजना प्रस्‍तावों को तैयार करने के लिए अनुरोध किया गया है । योजना के विभिन्‍न घटक कार्यान्‍वयन व्‍यवस्‍था, पात्रता मानदंड, नियम एवं शर्तों, योजना के अंतर्गत डीपीआर तैयार करने और उसको जमा करने/अनुमोदन प्राप्‍त करने की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श करने के लिए इस कार्यशाला ने एक मंच प्रदान किया । इसमें हितधारकों की शंकाओं का समाधान भी किया गया ।