एनडीडीबी तथा एफएसएसएआई द्वारा सहयोगात्‍मक क्षमता निर्माण कार्यक्रम - 'उत्‍तम खाद्य प्रयोगशाला अभ्‍यास' विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

एनडीडीबी तथा एफएसएसएआई द्वारा सहयोगात्‍मक क्षमता निर्माण कार्यक्रम

'उत्‍तम खाद्य प्रयोगशाला अभ्‍यास' विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

आणंद, 10 जनवरी, 2018: राष्‍ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) तथा भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सप्ताह भर की अवधि के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया है । 'उत्‍तम खाद्य प्रयोगशाला अभ्‍यास' (जीएफएलपी) पर आधारित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 जनवरी 2018 को, एनडीडीबी, आणंद में आरम्भ किया गया। प्रशिक्षण में 35 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं जिनमें क्षेत्रीय खाद्य प्रयोगशाला-राजकोट और भुज, जन स्‍वास्‍थ्‍य प्रयोगशाला -  अहमदाबाद और वडोदरा, खाद्य एवं औषधि दवाई प्रयोगशाला वडोदरा तथा गुजरात की चार निजी प्रयोगशालाओं के प्रतिभागी शामिल हैं ।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए, एनडीडीबी के कार्यपालक निदेशक ने उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में प्रयोगशाला कैमिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया तथा प्रतिभागियों से सीखने के इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने को कहा । उन्होंने क्षमता का मूल्‍यांकन करने तथा आंतरिक गुणवत्‍ता कार्यक्रम के सत्‍यापन के लिए निपुणता परीक्षण (पीटी) के महत्व का भी उल्लेख किया।

उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम क्वालिटी एनालिस्ट्स (गुणवत्ता विश्लेषकों) के कौशल को तराशेगा, उन्हें सर्वोत्तम विश्लेषणात्मक अभ्यास की ओर प्रेरित करेगा और घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता का स्तर सुनिश्चित होगा । सप्ताहभर की अवधि के इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बाहर से पधारे विशेषज्ञों सहित एनडीडीबी के विषेशज्ञों से चर्चा करने का मौका मिलेगा। वे एनडीडीबी की आधुनिक सुविधाओं से लैस, आईएसओ 17025 प्रमाणित तथा बीआईएस मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला 'सीएएलएफ' में व्‍यावहारिक अनुभव भी प्राप्‍त करेंगे । यह एफएसएसएआई द्वारा दूध और दुग्ध उत्पादों हेतु रेफरल प्रयोगशाला है ।

प्रशिक्षण के अंतर्गत विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इनमें भारत में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में खाद्य जांच प्रयोगशाला की भूमिका, प्रयोगशालाओं के बुनियादी ढ़ांचे, सैम्पलिंग, सैम्पल हैंडलिंग और प्रोसेसिंग, गुणवत्ता नियंत्रण कार्यक्रम जैसे निपुणता परीक्षण, मैथड वैलिडेशन, पैकेजिंग मैटीरियल की जांच तथा पैकेजिंग  नियमों में नए चलन, संदर्भ के मापदंड, ग्लासवेयर कैलिब्रेशन, मापतौल में अनिश्चितता, प्रमाणन की आवश्यकता, राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम  और डाटा इंटिग्रिटी  शामिल किए गए  हैं ।